सोच बदलने वाली कहानी

सोच बदलने वाली कहानी

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दोस्तों आज मैं सोच बदलने वाली तीन कहानियां आपके लिए लाया हूं आपको यह कहानियां से बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा और यह कहानी श्री भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई एक कहानी है जिसके अंतर्गत हम एक सोच बदलने की कहानी के माध्यम से सुनेंगे यदि आप राम भक्त हैं तो जय श्री राम कमेंट में जरूर लिखें पढ़ने के पश्चात आओ तीन कहानियों से रूबरू करें

सोच बदलने वाली तीन कहानियां । 3 Best Motivational and Inspirational Story in Hindi

दोस्तों यह कहानी भगवान श्री राम जब वनवास चले जाते हैं और वह वनवास से लंका जाना चाहते हैं तब समुद्र पर पहुंचते हैं लेकिन वहां जाने का रास्ता नहीं दिखाई देता तभी सभी वानर साथी समुद्र में पत्थर पर नाम राम लिख कर फेंक रहे थे और वह पत्थर तैर में लग रहे थे और ऐसे ही सभी वानर बड़े-बड़े पत्थरों को एक-एक कर फेंक रहे थे और फुल तैयारी हो रहा था लेकिन एक वानर ने देखा |

कि एक गिलहरी भी छोटे छोटे पत्थर पत्थर पर नाम लिख कर फेंक रहे हैं और पानी में फेंकने पर वह तैरने लगते हैं और यह देखकर एक वानर वहां जाकर पहुंचकर हंसने लगा और इतने में सभी इकट्ठे हो गए बोले गिलहरी तो छोटे-छोटे बच्चे पत्थरों से कितने सालों में बनेगा यह फूल ऐसे में तो भगवान राम श्री लंका पहुंचे नहीं पाएंगे और जोर जोर से हंसने लगे और यह सब इकट्ठा देखकर भगवान श्री राम जी वहां पहुंचे और गिलहरी को यह देखकर वालों को समझाया और बोला कि जितना सहयोग आपका है उतना ही सहयोग गिलहरी का है और |

यह देखो जो छोटे पत्थर गिलहरी फेंक रही है वह आपके पत्थरों को जोड़ रही है मतलब कि आपका जो भी पत्थर फेंका गया है उसे जोड़ने का काम गिलहरी के पत्थर कर रहे हैं तभी सभी को एहसास हुआ और वह क्षमा मांगी गिलहरी से और अपना काम आगे प्रारंभ कर दिया और कहते हैं कि गिलहरी को भगवान श्री राम जी ने पेट में हाथ फेरा था तभी आज भी उंगलियों के निशान गिलहरी के पीठ पर है क्या आपने देखा है।

सीख

यह कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि आप मदद करने के लिए किसी के लिए भी सक्षम है छोटा हो या बड़ा हो यदि आपके अंदर मदद करने की क्षमता है तो आप मैं वह शक्ति है की कुछ ना कुछ मदद जरूर होगी ऐसा ही गिलहरी ने इस कहानी में सिखाया।

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एक समय की बात है एक बहुत ही बुरा आदमी था उसके और चार बेटे थे वह अपने बेटों को लेकर बहुत ही चिंतित रहता था क्योंकि सभी बेटे एक दूसरे के बहुत ही ज्यादा विरोधी थे और वह आपस में हमेशा लड़के रहते थे एक दिन बूढ़ा बाप उन सभी को अपने पास में बुलाया और बोला आप सभी को लकड़ी का 1-1 टुकड़ा दे दिया और वह है यह देखकर सभी हंसने लगी बोले यह क्या कर रहे हो पिताजी बोले अभी रुको अभी आपको इन लकड़ियों को तोड़ना तो वह लड़के फटाक से जोर-जोर से ताकत लगाई और वह लकड़िया टूट गए

इसके बाद पिताजी ने कहा अब सभी लकड़िया एक साथ में लो और एक-एक करके तोड़कर दिखाओ सभी ने एक-एक करके तोड़ने की बहुत कोशिश की मेहनत बहुत की फिर भी नहीं तोड़ पाए और बाद में हार मान ले बोले पिताजी यह कैसे हो सकता है कि एक साथ हम इतनी लकड़ियों को कैसे तोड़ सकते हैं तब मुस्कुराकर पिताजी बोले कि बेटा मैं वही तो समझा रहा हूं कि यदि तुम आपस में ही झगड़ते रहोगे अलग-अलग हो जाओगे तो तुम टूट जाओगे यदि साथ में मिलकर रहोगे तो इन लकड़ियों से ही समझ लीजिए एक साथ कोई नहीं तोड़ सकता तभी उन बेटों को यह बात समझ में आई और वह एक दूसरे को गले लगाकर क्षमा मांगी और मिलजुल कर रहने लगे

सीख

यही कहानी चाहिए सीख मिलती है कि हमें एकजुट रहना चाहिए प्रेम भाव से कभी आपस में लड़ना झगड़ना नहीं चाहिए क्योंकि यदि हम अलग हुए तो बहुत से ऐसे लोग हैं जो अलग देखना चाहते हैं और उसी का फायदा उठाते हैं

प्रेरणादायक कहानी छोटी सी

एक समय की बात है एक शेर पेड़ के नीचे सो रहा था और अचानक दिल से चूहा निकला लेकिन उसे खेलकूद करने के लिए कोई नहीं दिखा बाहर तो वह शेर के ऊपर उछलने कूदने लगा तभी शेर ने गुस्से से उसे पकड़ लिया और वह बस खाने वाला था अभी चूहे ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और शेर को दया आ गई उसने छोड़ दिया फिर वह चूहा भाग जाता है कहीं दूर लेकिन शेर दूसरे दिन शिकार के लिए जंगल की ओर जाता है |

तभी शिकारी घेत लगाकर खड़े रहते हैं वहां और उसे जाल में फंसा लेते हैं शेर बहुत ही बुरी तरीके से फंस जाता है वह लाख कोशिश करता है लेकिन वह नहीं छूटता है और वह जोर-जोर से चिल्लाता है और रोने लगता है और वहीं कहीं से चूहा गुजर रहा था उसने यह आवाज सुनी वह दौड़ते आनन फानन करते हुए वहां पहुंचा और चुपके से जाकर शेर का जाल काट देता है और वहां से दोनों भाग निकलते हैं लेकिन उससे पहले शेर उन सभी को एक ही दहाड़ में भगा देता है वह सभी जाल छोड़कर भाग गए और यहां चूहा और शेर दोनों में एक अच्छी दोस्ती हो गई और वह अपने अपने रास्ते चले गए

सीख

दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमारा मित्र चाहे कितना भी छोटा हो या बड़ा हो हमें एक समान मित्रता करनी चाहिए हमें कोई दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए और यदि किसी से गलती हो जाती है तो उसे माफ करना जरूर से क्यों क्योंकि यदि शेर ने चूहे को माफ नहीं किया होता तो आज उसे अपनी जान गंवानी पड़ती उसी प्रकार आप भी यह ध्यान में रखते हुए किसी को कुछ भी ना बोले और ऐसा काम ना करें कि किसी का मन दुखी और वह आपके सहयोग में ना खड़ा हो

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